Tuesday, March 24, 2020

जीवन का संघर्ष

एक बहोत ही अच्छी कहानी आपसे सेयर कर रहा हु | जो मुझे बहुत पसंद आई उम्मीद हैं, आपको भी पसंद आएगी और इससे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा अगर अच्छी लगे तो कमैंट्स जरूर करें |

जीव विज्ञान (Biology) के एक अध्यापक अपने छात्रों को पढा रहे थे।कि सूँड़ी (caterpillar) तितली में कैसे बदल जाती है । उन्होंने छात्रों को बताया कि कुछ ही घंटों में तितली अपनी खोल से बाहर निकलने की कोशिश करेगी । उन्होंने छात्रों को आगाह किया कि वे खोल से बाहर निकलने में तितली की मदद न करें । इतना कह कर वह कक्षा से बाहर चले गए ।
छात्र इंतजार करते रहे । तितली खोल से बाहर निकलने के लिए संघर्ष करने लगी। छात्र को उस पर दया आ गई। अपने अध्यापक का सलाह  न मान कर उसने खोल से बाहर निकलने की कोशिश कर रही तितली की मदद करने का फैसला किया। उसने खोल को तोड दिया, जिसकी वजह से तितली को बाहर निकलने के लिए और मेहनत नहीं करनी पड़ी। लेकिन वह थोड़ी ही देर में मर गई। वापस लौटने पर शिक्षक को सारों घटना मालूम हुई। तब उन्होंन छात्रों को बताया कि खोल से बाहर आने के लिए तितली की जो सघर्ष करना पड़ता है, उसी की वजह से उसके पंखों को मजबूती और शक्ति मिलती है । यही प्रकृति का नियम है। तितली की मदद करके छात्रों ने उसे संघर्ष करने का मौका नहीं दिया  नतीजा यह हुआ कि वह मर गई | 
                                  
इस कहानी से जो मैं ने सीखा :-  प्रकृति हर एक चीज को उसको, उसकी समस्यांओ  से लड़ने की सक्ति देता हैं, अगर कोई और उसकी मदद करता हैं तो उसकी शक्तियो का विकाश नहीं हो पता और वो कमजोर हो जाता हैं सदा किसी और की मदद मांगने के लिए लाचार  हो जाता हैं। ये समझना बहुत जरुरी हैं की किसकी मदद की जाये और किस हद तक की  जायेमदद करने का भी तरीका ऐसा होना किये की किसी की सक्तियो का हनन न हो और वो विकाश कर पाए जैसे एक पिता अपने बच्चों  की करता हैं लेखिन अगर वो उसके साथ हर समय रहने लगे उसको ज्यादा बाहर न जाने दे साथ रखे तो उसका विकाश रुक सकता हैं इसीलिए उसको बहार भेजा जाता  हैं ताकि मुशीबतो का सामना करना शिख सके और मजबूत बनें