Wednesday, April 13, 2022

महावीर जयंती पर महावीर स्वामी के 20 अनमोल विचार ।

आप सभी को मेरा नमस्कार और महावीर जयंती की ढेर सारी शुभकामनाएं ,

कहते हैं मनुष्यों के पास एक सबसे बड़ी ताकत हैं, वो हैं उनके विचार । वो सोच सकते हैं समझ सकते हैं और उन विचारों पे चल कर खुद को बहुत आगे तक ले जा सकते हैं ।

कुछ विचार ऐसे होते हैं जो जीवन के सभी मुसीबतों को समझने और सुलझाने का नज़रिया देते हैं ।

महावीर स्वामी के विचार अहिंसा को बहुत अच्छे से समझाते हैं और इनपर चलने के लिए प्रोसाहित भी करते हैं।  उनमे से 20 विचारों को में आपके साथ साझा कर रहा हूं ।

1.  सभी जीवित प्राणियों के प्रति सम्मान अहिंसा है.


2.  सभी मनुष्य अपने स्वयं के दोष की वजह से दुखी होते हैं , और वे खुद अपनी गलती सुधार कर प्रसन्न हो सकते हैं.

3.  अहिंसा सबसे बड़ा धर्म है.



4.  बाहरी त्याग अर्थहीन है यदि आत्मा आंतरिक बंधनों से जकड़ी रहती है।



5. आपकी आत्मा से परे कोई भी शत्रु नहीं हैं ।



6. खुद पर विजय प्राप्त करना लाखो शत्रुओं पर विजय पाने से बेहतर हैं।



7.  हर एक जीवित प्राणी के प्रति दया रखो। घृणा से विनाश होता हैं ।



8.  सभी इंसान अपनी ही गलतियों के वजह से दुखी होते हैं, और वे खुद अपनी गलतियां सुधारकर खुश हो जाते हैं ।




9. केवल सत्य ही इस दुनिया का सार हैं।



10. हर आत्मा स्वतंत्र हैं । कोई भी दूसरे पर निर्भर नहीं करता ।



11. ईश्वर का कोई अलग अस्तित्व नहीं हैं । सही दिशा में सर्वोच्च प्रयास करने से हर कोई देवत्व को प्राप्त कर सकता हैं ।



12. सभी जीवों के प्रति दया भाव राखे। नफरत से विनाश होता हैं।




13. सभी सजीव प्राणियों का सम्मान करना अहिंसा हैं।



14. केवल वह विज्ञान महान और सभी विज्ञानों में सर्वश्रेष्ठ हैं, जिसका अध्ययन मनुष्य को सभी प्रकार के दुखों से मुक्त करता हैं ।



15.  वह जिसकी सहायता से हम सत्य को जान सकते हैं, चंचल मन को नियंत्रण कर सकते हैं और आत्मा को शुद्ध कर सकते हैं, उसे ज्ञान कहते हैं।



16. जिसने भय को पार कर लिया हैं, वह समभाव का अनुभव कर सकता हैं । 



17.  हे स्व ! सत्य का अभ्यास करो, और कुछ भी नही बस सत्य का।



18.  सत्य के प्रकाश से प्रबुद्ध हो, बुद्धिमान व्याक्ति मृत्यु से ऊपर उठ जाता हैं।



19. प्रतेक आत्मा स्वयं में सर्वज्ञ और अन्नदमय हैं। आनंद बाहर से नहीं आता हैं।




20. आत्मा अकेले आती हैं अकेले चली जाती हैं, न कोई उसका साथ देता हैं कोई उसका मित्र बनता हैं।